किसी भी एक्सप्रेसवे को बनाने में जो सबसे जटिल प्रक्रिया होती है वो है भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया. एक बार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रीया समाप्त हो गई फिर एक्सप्रेसवे का काम तेजी पकड़ लेता है. ऐसा ही हुआ है NH-119A के निर्माण में. इस हाईवे का भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम दौर में है. या फिर यूँ कहे की इस हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया समाप्त होने वाली है.
बता दें की पटना-आरा-सासाराम फोरलेन एक्सप्रेस-वे का निर्माण इस वर्ष के अंत तक शुरू हो जायेगा. यह एक्सप्रेस-वे करीब 118 किमी लंबी होगी. इस एक्सप्रेस-वे के बनने से बिहार के करीब 7 जिलो को डायरेक्ट फायेदा होगा. साथ ही इस एक्सप्रेस-वे की मदद से उत्तर प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज होंते हुए लखनऊ और दिल्ली तक का सफ़र काफी आसान हो जायेगा.
पटना-आरा-सासाराम फोरलेन एक्सप्रेस-वे को NH-119A भी कहा जाता है. भारतीय राज्य बिहार के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके निर्माण करीब चार हजार करोड़ रुपये की लागत में होगा। इस साल के अंत तक शुरू होने और साल 2027 तक पूरा होने की संभावना है.
पटना-आरा-सासाराम फोरलेन एक्सप्रेस-वे एक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे है. यह एक्सप्रेस-वे बिहार के आरा, भोजपुर, और रोहतास जिलों के कई गाँवों और शहरों को सीधे सासाराम से जोड़ेगा। निचे दिए गये है की यह एक्सप्रेसवे किस जिले के किस गांव से होकर गुजरेगा.
| राष्ट्रीय राजमार्ग | जिला | गाँव |
|---|---|---|
| NH-119A | आरा | गोनवां |
| NH-119A | आरा | पड़री |
| NH-119A | आरा | रामतारी |
| NH-119A | आरा | कायमनगर |
| NH-119A | भोजपुर | बामपाली |
| NH-119A | भोजपुर | असनी |
| NH-119A | भोजपुर | गढ़नी |
| NH-119A | रोहतास | उदवंतनगर |
| NH-119A | रोहतास | तराडी |
| NH-119A | रोहतास | गंगौली |
| NH-119A | पटना | अखोरी गोला |
| NH-119A | पटना | सुआरा |