बिहार की उद्योगिक सूरत बदलने वाली है. अब वो दिन दूर नहीं जब बिहार को पिछड़ा राज्य कहने से लोग हिचकिचाएंगे. क्योकि बिहार के गया जिलें में विकास की एक नई अध्याय लिखी जा रही है. गया जिले के डोभी क्षेत्र में राज्य का पहला और देश का सबसे उन्नत औद्योगिक पार्क बनने जा रहा है. इस औद्योगिक पार्क परियोजना के लिए लगभग 1670 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है.

बता दें की यह इंडस्ट्रियल पार्क कोलकाता-अमृतसर कॉरिडोर के तहत विकसित किया जा रहा है. इस पार्क को बनाने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर आधा-आधा खर्च उठा रही हैं. इसके लिए भू अर्जन का कार्य पूरा हो गया है. जल्दी ही सभी जमीन पर देवेलोप्मेंट का कार्य शुरू हो जायेगा. इसके तहत डोभी गमहरिया गांव में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जायेगा.

इस मैन्युफैक्चरिंग हब से इस जिले के साथ-साथ आसपास के जिले की भी तस्वीर बदल जाएगी. सभी तरह के छोटे , मध्यम और बड़े उद्योग लगाने की योजना है. डोभी के गमहरिया गांव में लगभग 1100 एकड़ सरकारी जमीन पहले ही इस परियोजना के लिए ट्रांसफर कर दी गई है. जबकि शेष जमीन के अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है.

भू अर्जन का काम थोडा बच रहा है. उम्मीद है कि अगले एक या दो महीनों में भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो जाएगा. जिसके बाद औद्योगिक पार्क के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. अमृतसर-दिल्ली-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत बन रही यह इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर परियोजना गया जिले के लिए एक वरदान साबित होगी. इस औद्योगिक पार्क के विकास के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं.

इस शानदार इंडस्ट्रियल पार्क को राष्ट्रीय राजमार्ग 2 से जोड़ा जाएगा. जिससे इस इंडस्ट्रियल पार्क की कनेक्टिविटी और भी बेहतर हो जाएगी. इसके अलावा, रेल और हवाई कनेक्टिविटी की भी योजनाएँ बनाई जा रही हैं. यहाँ आने-जाने में कोई कठिनाई को दूर करने के लिए यातायात की पूरी व्यवस्था की जा रही है. उद्योगों को आवश्यक संसाधनों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी.

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