बिहार में कुल चार एक्सप्रेसवे का काम चल रहा है. इन चार एक्सप्रेसवे में पश्चिम बंगाल से बिहार को आने वाली आमस दरभंगा एक्सप्रेसवे सबसे प्रमुख है. यह दरभंगा आमस एक्सप्रेसवे बिहार को उसके विकास के सफर में एक बड़ा तोहफा वाला काम करेगा. इस एक्सप्रेसवे के बनने के साथ ही यह राज्य का पहला एक्सप्रेसवे होगा जो पूरी तरह से एक्सेस कण्ट्रोल होगा. यह एक्सप्रेसवे आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे के नाम से जाना जाएगा. यह एक्सप्रेसवे भारत के भारतमाला योजना के तहत बनाई जा रही है. यह एक्सप्रेसवे 189 किलोमीटर लंबा होगा है. इससे पश्चिम बंगाल , झारखण्ड और बिहार के कई शहर जुड़े होंगे. बिहार के 7 जिलों को जोड़ते हुए कुल 16 शहरों को सीधी मिल जाएगी.
दरभंगा आमस एक्सप्रेसवे बिहारके उत्तरी और दक्षिणी हिस्से को जोड़ेगी. बिहार को यह परियोजना राज्य के उत्तर और दक्षिण हिस्सों को जोड़ने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. आमस से शुरू होकर यह दरभंगा के नवादा गांव तक पहुंचेगी. जिन शहरों और गांवो को यह एक्सप्रेसवे जोड़ेगी उनके नाम निचे दिए गए है:
आमस
रामनगर
सबलपुर
चकसिकंदर
दभैच
इब्राहिमपुर
ओकरी
पभेरा
मथुरापुर
गुरारू
पंचानपुर
बेला
बहुआरा
शाहपुर बघौनी (ताजपुर)
शिव नंदनपुर (बूढ़ी गंडक)
बासुदेवपुर रामनगर (लहेरियासराय)
बेला नवादा (दरभंगा)
आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे एक छह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड रोड होगा. इसका मतलब है कि सड़क पर नियंत्रित प्रवेश और निकास होगा. यह परियोजना पहली बार 2017 में शुरू की गई थी. अब इस परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए सभी जरूरी प्रक्रियाएं तेज कर दी गई हैं. इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यह उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा.