भारतीय रेलवे ने भागलपुर-दुमका रेलखंड को और सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. इस योजना के अंतर्गत रेलवे ट्रैक से लेवल क्रॉसिंग को समाप्त कर लिमिटेड हाइट सब-वे (एलएचएस) का निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना का उद्देश्य यातायात को निर्बाध बनाना है.
मालूम हो की इस परियोजना के तहत रेलवे ट्रैक के लगभग 10 लेवल क्रासिंग पर अब सुब वे का निर्माण किया जायेगा. एक सब-वे के निर्माण पर लगभग पांच करोड़ 30 लाख रुपये का खर्च आता है. वहां कुल 10 सब-वे के निर्माण होना है . इसके लिए करोड़ों रुपये की लागत आने वाली है. अधिकारीयों द्वारा उन सभी जगहों को चिन्हित कर लिया गया है जहाँ ये सभी सब वे बनना है. धीरे-धीरे सभी अतिक्रमण को वहां से हटाया जा रहा है.
रेलवे की तैयारी
रेलवे विभाग ने इस योजना को लेकर पूरी तैयारी कर ली है. अभी आला अधिकारी से अप्रूवल नहीं मिला है. जैसे अप्रूवल मिलेगा वैसे ही काम शुरू कर दिया जायेगा. खासकर सब वे नहीं होने से स्थानीय और लोकल लोगो को काफी दिक्कत होती है. रेल फाटक लगे रहने से काफी समय की बर्बादी होती है. ट्रैफिक जाम की भी समस्या उत्पन्न होती है. लेकिन अब भागलपुर दुमका रेलखंड में दुरुस्त करने का पूरा प्लान तैयार कर लिया गया है.
इसको दुरुस्त करने का अतिक्रमण स्थलों की पहचान कर वहां से बाधाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसके अलावा स्थानीय प्रशासन और जनता को इस परियोजना के बारे में जानकारी दी गई है ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की रुकावट न आए.
भविष्य की दिशा
इस परियोजना के पूरा होने से भागलपुर-दुमका रेलखंड की सूरत बदल जाएगी. अब बिना रुके और बिना रेल गाड़ी की प्रतीक्षा किये रेल पटरी की क्रासिंग हो पायेगी. लोकल लोगो का यातायात अधिक सुगम हो जाएगा . यह परियोजना न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी बल्कि रेल संचालन को भी अधिक प्रभावी बनाएगी.