बिहार के लोग जो भी प्याज खाते है वे सभी प्याज दो ही जगह से आते है पहला नासिक और दूसरा मध्यप्रदेश. लेकिन पिछले कुछ दिनों से मध्यप्रदेश और नासिक से नया खेप प्याज का नहीं पहुच रहा है. यही कारण है की बिहार के पटना समेत सभी जिलों में अचानक प्याज के भाव में बढ़ोतरी देखि जा रही है. इस निर्भरता के चलते बिहार में प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव आम बात है.
बिहार के अधिकांश बाज़ार समिति के थोक बाजार में प्याज की कीमतें 30 से 35 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बनी हुई हैं. वहीँ अगर खुदरा विक्रेता की बात करे तो सभी जिलों में अलग अलग भाव चल रहा है. कुछ जिओं में प्याज 50 रुपया प्रति किलो तक चला गया है.
बाज़ार समीक्षा के अनुसार प्याज के कीमत में उतार और चढाव अगले 15-20 दिनों तक ऐसी ही बनी रहने की उम्मीद है.
पटना में प्याज की कीमतें
राजधानी पटना में खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 38 से 40 रुपये प्रति किलो है. वहीँ गली मोहल्लो में घूम घूम कर बेचने वाले 50 रुपया प्रति किलो का भाव लगा रहे है. थोक व्यापारियों के अनुसार, थोक मंडी में प्याज की कीमत 30 से 35 रुपये प्रति किलो है. ऐसा माना जा रहा है की आने वाले दिनों में प्याज और भी महंगा हो सकता है.
जैसे जैसे बारिश का सीजन नजदीक आ रहा है प्याज के साथ-साथ टमाटर, आलू और अन्य सब्जियों की कीमतें भी बढ़ गई हैं. अगर नासिक और मध्यप्रदेश से प्याज का नया खेप आना शुरू नहीं हुआ तो प्याज का भाव आसमान छू सकता है. इस बार मध्यप्रदेश में भी प्याज का फसल मात्र 40% ही हुआ है. यही कारण है की प्याज शोर्टेज हो रही है.