बिहार का पटना एयरपोर्ट जिसे जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा के नाम से जाना जाता है. यह बिहार का एकमात्र एयरपोर्ट है जहाँ से कई दुसरे राज्यों के लिए फ्लाइट मिलती है. लेकिन अभी यहाँ पर काफी पुराना टर्मिनल कार्यरत है. जिसके कारण यात्री को कई की सुविधा से वंचित रहना पड़ता है. लेकिन अब पटना एयरपोर्ट को एक शानदार और आधुनिक टर्मिनल की सौगात मिलने वाली है. हालाँकि इस टर्मिनल का निर्माण पिछले 6 वर्षो से चल रहा है. लेकिन अब निर्माण कार्य के तेजी लाया गया है. अब पटना के जल्द से जल्द एक अत्याधुनिक नया टर्मिनल मिलने जा रहा है. इस टर्मिनल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसके अगले एक वर्ष में चालू होने की उम्मीद है. इस नए टर्मिनल के सभी खासियत निचे दी गई है.

मल्टी लेवल पार्किंग: 750 चारपहिया वाहन पार्किंग क्षमता
नई टर्मिनल में सीधा रास्ता: तीसरी मंजिल से नए टर्मिनल तक
एप्रिहेंडेड एरिया: पुराने टर्मिनल का ध्वस्तीकरण के बाद विमान पार्किंग के लिए
विमान पार्किंग क्षमता में वृद्धि: अधिक शहरों और विदेशों के लिए उड़ानें
नया टर्मिनल भवन: 65,000 वर्गफीट क्षेत्र, 7 गुना बड़ा
चेक-इन काउंटर: 54 काउंटर
बोर्डिंग ब्रिज: 5 ब्रिज
कन्वेयर बेल्ट: 5 बेल्ट
इनलाइन एक्स-रे मशीनें: 8 मशीनें

पटना एयरपोर्ट पर बनने वाला यह शानदार नया टर्मिनल 65,000 वर्गफुट में फैला होगा. यह टर्मिनल वर्तमान पुराने टर्मिनल से सात गुना बड़ा होगा. इस प्रोजेक्ट की लागत 1,216 करोड़ रुपये है. नए टर्मिनल में यात्रियों की सुविधा के लिए 54 चेक-इन काउंटर होंगे. अधिक मात्रा में टर्मिनल होने से यात्री की संख्या में इजाफा होगा. यह टर्मिनल एक साथ अधिक यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा . इस प्रोजेक्ट की शुरुआत अक्टूबर 2018 में हुई थी. निर्माण कार्य के तहत ढांचे को लगभग तैयार कर लिया गया है. अंतिम चरण का कार्य अब गति पकड़ चुका है.