Success Story: सेल्फ डीसिप्लिन ही सफलता का मूल मंत्र है. जिस किसी के पास सेल्फ डीसिप्लिन है उसका सफल होना तय है. स्लेफ़ डीसिप्लिन का एक मात्र मतलब होता है की खुद से झूठ नहीं बोलना. जो इन्सान खुद से झूठ बोलना बंद कर देगा वो जिस भी फील्ड में है उसे वही से सफलता मिलनी शुरू हो जाएगी. अरुनाभ सिन्हा ने कभी खुद से झूठ नहीं बोला. उन्होंने जो सोचा – जो ठाना उसे समय पर पूरा किया. आज वो 170 करोड़ की कंपनी के मालिक है.
जीरो से 170 करोड़ की कंपनी खड़ी करना कोई खेल बात नहीं है. न जाने अरुणाभ सिन्हा को कौन कौन से दिन देखने पड़े होंगे. लेकिन उन्होंने ठान लिया था की जीवन में कुछ अच्छा करना है तो कर के दिखाया. अरुणाभ झारखण्ड के जमशेदपुर के रहने वाले है. वो एक साधारण परिवार से आते है. उन्होंने ने बचपन से ही बड़े-बड़े सपने देखना शुरू कर दिया था.
अरुणाभ के पिता शिक्षक है. और माँ गृहणी है. लेकिन अरुणाभ पढाई में बचपन से ही बहुत अच्छा था. जब वे बच्चे थे उनकी परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी. लेकिन अरुणाभ की माँ की इच्छा ही की बेटा पढ़ लिख कर एक अच्छा इन्सान बने. माँ में पढाई लिखाई में कोई कसर नहीं छोड़ा. माँ का कहना था की चाहे जो हो जाये , छाहे मुझे नमक रोटी ही खाना पड़े लेकिन बेटे के पढाई में कोई कमी नही होनी चाहिए.
अरुणाभ ने माँ के बातों का मान रखते हुए IIT कम्पलीट किया. फिर IIT बॉम्बे से उन्होंने बीटेक की डिग्री हासिल की. उसके बाद उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी शुरू कर दिया. उस प्राइवेट नौकरी में उनको 84 लाख का सालाना पैकेज था. लेकिन उनका मन था की वो कुछ अपना करे. तो उन्होंने खुद के पैसे से U Clean नाम का कंपनी खोल दिया.
शुरू में अरुणाभ ने 20 लाख की पूंजी से शुरू किया लेकिन धीरे-धीरे अब यह कंपनी कुल 170 करोड़ की हो चुकी है. अभी तक 154 शहरों में यह कंपनी अपना काम काज फैला चूका है. इस कंपनी ने अभी तक 6 करोड़ का फण्ड इकठ्ठा कर चुकी है.