पता नहीं हम कब अपने राज्य के चीजों को अहमियत देना शुरू करेंगे. हम बिहार के लोग 100 रुपया का डाभ खरीदकर बड़ी ख़ुशी से पि लेते है लेकिन अपने राज्य का देशी डाभ किसी को नहीं दीखता है. जी हां दोस्तों हमारे राज्य का भी अपना डाभ है. जिसे हम तारफल कहते है बिहार का एक विशेष फल है. तार फल के नाम से जाना जाता है. स्थानीय रूप से तारकुन भी कहा जाता है. यह फल गर्मी के मौसम में विशेष रूप से पाया जाता है . इस फल में कई अनूठी विशेषता लेकिन यह लोकप्रिय नहीं है.
रिपोर्ट के अनुसार बिहार के तारफल में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है. इसे डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद बनाता है. इसका नियमित सेवन रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है. यह फल पौष्टिक पानी से भरा होता है. शरीर को आवश्यक आर्द्रता प्रदान करता है और पेट को ठंडा रखता है. गर्मियों में इसे खाने से शरीर को ठंडक मिलती है . लू से बचने के लिए उस फल का काफी उपयोग किया जाता है.
बिहार में सभी जगह मिलने वाला यह तारफल बेहद सस्ता होता है . यह तारफल आपको रोड के किनारे कही भी बिकता हुआ मिल जाएगा. आम जनता के लिए आसानी से उपलब्ध है. मात्र 5 रुपये में यह स्वादिष्ट और पौष्टिक फल बाजार में भी मिल जाता है. इसका स्वाद भी बेहद लजीज होता है. इसे सभी लोग जैसे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है.
डायबिटीज के मरीजों के लिए यह फल किसी रामबाण से कम नहीं है. इसका नियमित सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है. शरीर को हाइड्रेटेड भी रखता है और गर्मी से बचाव करता है.