बिहार में आईटी निवेश से विकास की रफ्तार तेज, 2000 करोड़ का निवेश बनाएगा बिहार को आईटी हब

बिहार अब विकास के नए आयाम छूने के लिए तैयार है. आये दिन रेलवे और नई नई वन्दे भारत ट्रेन के साथ एक्सप्रेसवे और हाईवे की सौगात के बाद अब एक नई दिशा में अपनी विकास यात्रा शुरू कर रही है. इसी कड़ी में बिहार को आईटी हब बनाने की कवायद को तेज कर दिया है. जी हां बिहार राज्य अब देश में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सबसे बड़ा हब बनकर उभरेगा. बिहार में IT बस के विकसित होने से लाखो बिहार के IT प्रोफेशनल्स को अब दुसरे महानगर नहीं जाना पड़ेगा. इस दिशा में अब काम और तेज कर दी गई है. अक्सर ऐसा देखा जाता है की बिहार के युवा IT कंपनी के काम के तलाश के दुसरे शहरों में जाते है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योकि अब बिहार में IT हब के लिए कुल 2000 करोड़ रुपये के निवेश की पूरी प्लानिंग कर ली गई है.

सूबे को आईटी सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की योजना बनाई जा रही है. इस पहल से बिहार का आईटी सेक्टर चमकेगा साथ ही साथ यहां के युवाओं के लिए रोजगार के अनगिनत अवसर पैदा होंगे. आईटी क्षेत्र में हो रहे इस बड़े निवेश का मुख्य उद्देश्य यह है कि बिहार के युवाओं को नौकरी की तलाश में अब दिल्ली, नोएडा, हैदराबाद, गुरुग्राम और बेंगलुरु जैसे महानगरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा. अब राज्य में ही उन्हें बेहतरीन आईटी कंपनियों में काम करने के मौके मिलेंगे. राज्य सरकार ने सभी जिलों में आईटी सेक्टर के लिए आधारभूत संरचना को विकसित करने की योजना बनाई है. इसके अंतर्गत अत्याधुनिक तकनीक और संसाधनों का इस्तेमाल कर आईटी पार्क, डेटा सेंटर और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इसके तहत दो चरणों में IT इंडस्ट्री को स्थापित की जाएगी. बता दें की 2025-26 तक सभी योजनाओं को पूरा किया जाएगा. पहले चरण में आईटी पार्कों और डेटा सेंटरों का निर्माण होगा.

खबर है की यह लक्ष्य रखा गया है की आगामी मार्च 2025 तक राज्य में 2000 करोड़ रुपये का आईटी निवेश हो. इसकी प्लानिंग , डॉक्यूमेंटेशन सभी जरुरी चीजे तैयार की जा रही है. इस योजना के अंतर्गत आईटी सेक्टर में 20,000 से 22,000 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से नौकरी मिलेगी. अगर सालाना इतनी नौकरी बिहार के युवाओ को मिलती है तो यहाँ बेरोजगारी की समस्या ख़त्म हो जाएगी.