बिहार की राजधानी पटना से पश्चिम बंगाल की राजधानी हावड़ा के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजना भारत के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है. यह बुलेट ट्रेन का परिचालन बिहार समेत सभी पडोसी राज्य का सूरत बदल कर रख देगा. पटना से हावड़ा बुलेट ट्रेन परियोजना वाराणसी-हावड़ा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का हिस्सा है.
बता दें की उत्तर प्रदेश की वाराणसी से हावड़ा के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना की कुल लम्बाई 711 किलोमीटर की है. हालाँकि वाराणसी से हावड़ा के बीच में कुल 10 स्टेशन प्रस्तावित है. लेकिन पटना से हावड़ा के सफ़र में कुल 6 स्टेशन आयेंगे. पटना से बुलेट ट्रेन खुल कर गया, धनबाद, आसनसोल, दुर्गापुर, बर्द्धमान होते हुए हावड़ा पहुचेगी.
पटना – हावड़ा बुलेट ट्रेन एक हाई स्पीड रेल कॉरिडोर होगी. इस बुलेट ट्रेन की अधिकतम अधिकतम गति 350 किमी प्रति घंटा होगी. वर्तमान में पटना से हावड़ा के लिए कई ट्रेनें चलती है. इस रेल रूट की लम्बाई 530 किमी के आसपास है. अभी सामान्य ट्रेन को यह दुरी तय करने में 10 से 12 घंटे का समय लगता है. लेकिन बुलेट ट्रेन के परिचालन से पटना से हावड़ा मात्र एक घंटे 30 मिनट में पूरा किया जा सकेगा.
मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है. इस बुलेट ट्रेन परियोजना के 2031 तक पूरा होने की संभावना जताई गई है. यह बुलेट ट्रेन का परिचालन बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी. दोनों राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा देगी.
बिहार की राजधानी पटना से पश्चिम बंगाल की राजधानी हावड़ा के बीच बुलेट ट्रेन की योजना भारत के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. यह बुलेट ट्रेन दो प्रमुख शहरों को जोड़ने का काम करेगी. यहाँ पर आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बल मिलने का कारण बनेगा. हालाँकि अभी इस बुलेट ट्रेन के किराया को लेकर कोई चर्चा है की गई है. साल 2031 जब यह परियोजना की शुरुआत होगी तब इसका किराया तय किया जायेगा.
इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का कुल लंबाई 711 किलोमीटर होगी और इसमें 10 स्टेशन होंगे। ये स्टेशन हैं:
पटना
गया
धनबाद
आसनसोल
दुर्गापुर
बर्द्धमान
हावड़ा
परियोजना की रूपरेखा: