बिहार में रक्सौल-हल्दिया और गोरखपुर-किशनगंज-सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे की कवायद और तेज कर दी गई है. बिहार अब अपने विकास के नए एक्सप्रेसवे पर फुल स्पीड से चल चूका है. यह दो हाई स्पीड एक्सप्रेसवे कॉरिडोर बिहार के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगी. भारत की केंद्र सरकार ने भारतमाला 2 A योजना के तहत देश भर में 12 हाई स्पीड कॉरिडोर को मंजूरी दी है. इन 12 कॉरिडोर में से दो तो बिहार को मिल गया है.
जानकारी मिल रही है की दो प्रमुख एक्सप्रेसवे बिहार से होकर गुजरेंगे: रक्सौल-हल्दिया पोर्ट एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-किशनगंज-सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे. नए अपडेट के अनुसार अब इस दोनों एक्सप्रेसवे के DPR बनाने को प्रस्ताव भेज दिया गया है. जल्दी ही NHAI इस DPR को पारित कर के आगे का कार्य आरंभ करेगी. ये दोनों हाई स्पीड एक्सप्रेसवे बिहार के कुल 14 जिलों से होकर गुजरेगी. इस एक्सप्रेसवे का निर्माण एक्सेस कंट्रोल्ड के तहत किया जायेगा. आइये अब एक एक कर के दोनों एक्सप्रेसवे के बारे में जानते है.
रक्सौल-हल्दिया पोर्ट एक्सप्रेसवे
रक्सौल-हल्दिया पोर्ट एक्सप्रेसवे बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच तेज यातायात की सुविधा प्रदान करेगा. इस एक्सप्रेसवे की कुल लम्बाई 719 किलोमीटर की होगी. बिहार में इस एक्सप्रेसवे का 367 किलोमीटर अंश होगा. यह शानदार एक्सप्रेसवे पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, लखीसराय, जमुई एवं बांका के होकर गुजरेगा. इस एक्सप्रेसवे को गाड़ियों की एवरेज स्पीड 100-120 किमी प्रति घंटे की होगी.
गोरखपुर-किशनगंज-सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे
गोरखपुर-किशनगंज-सिलिगुड़ी एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बनेगा. बिहार में यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया एवं किशनगंज से होकर गुजरेगा. इसकी कुल लम्बाई 521 किलोमीटर की होगी. इसको बनाने के कुल 23,000 करोड़ रुपया का खर्च आने वाला है.