देश की भारतमाला परियोजना (BMP) के दूसरे चरण के अंतर्गत बिहार के रक्सौल से हल्दिया तक एक नया एक्सप्रेसवे बनाने की योजना बन चुकी है. यह शानदार रक्सौल – हल्दिया एक्सप्रेसवे बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में स्थित रक्सौल को पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट से जोड़ेगा. इस प्रस्तावित ग्रीनफ़ील्ड एक्सप्रेसवे की कुल लम्बाई 695 किलोमीटर है. यह एक्सप्रेसवे 4 और 6 लेन में बनाई जाएगी.
इस रक्सौल हल्दिया परियोजना कई मायने में बिहार के लिए वरदान साबित होगा. इस एक्सप्रेसवे का मुख्य उद्देश्य नेपाल बिहार और झारखंड से निर्यात को बढ़ावा देना और माल की आवाजाही की दक्षता में सुधार करना है. इस एक्सप्रेसवे का निर्माण अभी चालू नहीं हुआ है. लेकिन उम्मीद की जा रही है की साल 2028 तक इसे शुरू कर दिया जायेगा. इसका विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) अभी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है. जून 2021 में इस परियोजना की विस्तृत डिजाइन पर काम शुरू हुआ.
रक्सौल से हल्दिया तक प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की मुख्य विशेषताएं हैं: इस एक्सप्रेसवे को बनाने में अनुमानित लागत 54,000 करोड़ रुपये आने वाला है. इसकी लंबाई 695 किलोमीटर होगी. यह एक्सप्रेसवे 4/6 लेन का होगा . इस परियोजना का स्वामित्व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के पास है और इसे इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल के तहत लागू किया जाएगा.
यह शानदार 4 और 6 लेन वाला एक्सप्रेसवे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ते हुए इन राज्यों के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यह एक्सप्रेसवे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के माध्यम से तिरछे कटते हुए गुजरेगा. यह बिहार में मुजफ्फरपुर और पश्चिम बंगाल में आसनसोल-दुर्गापुर से होकर गुजरेगा.