एक समय था स्मृति घर पर बैठे बोर हो रही थी. वो अक्सर यूट्यूब पर विडियो देखा करती थी. स्मृति तरह-तरह का विडियो देखती थी जिसमे वो कुछ बनाने के बारे में सीखती भी थी. धीरे-धीरे स्मृति को एक आईडिया आने लगा. यूट्यूब विडियो से उन्होंने आर्टिफीसियल खिलौने , गहने बनाना सिखा.

फिर उन्होंने सोचा की क्यू न रेशम के धागे को मिलाकर एक अलग तरह का प्रोडक्ट तैयार किया जाए. उनके पास ज्यादा रुपया नहीं था. मजाह 50 रूपये से उन्होंने कुछ रॉ मटेरियल मार्केट से खरीद लाई. जिसमे कुछ वेस्ट प्लास्टिक और रेशम के धागे थे. यह बात साल 2017 की है.

मात्र 50 रुपया का पूंजी लगाकर उन्होंने गले का हार, लॉकेट, चूड़ी, कंगन, इयर रिंग्स जैसे प्रोडक्ट बनाना शुरू कर दिया. फिर स्मृति ने उन्हें पास के लोकल मार्केट में जा कर बेचा तो उन्हें काफी मुनाफा हुआ. फिर यहाँ से उनको यह काम भा गया और वो इस काम को लगातार करने लगी.

धीरे-धीरे वो अलग-अलग रंग में इन प्रोडक्ट को बनाने लगी. वो लोकल मार्केट से अलग-अलग रंग के रेशम के धागे खरीदकर लाती और प्लास्टिक पर उसे सजाती. उनके प्रोडक्ट का डिमांड विदेशों में भी होने लगा. आसपास की कई महिलाये उनसे जुड़ने लगी. धीरे-धीरे काम बढ़ने लगा. अब वो लाखो रुपया महिना कमाने लगी है.

स्मृति की कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर आपके पास एक सपना है और उसे प्राप्त करने के लिए विश्वास और संघर्ष का सामर्थ्य है, तो कोई भी चीज असंभव नहीं है। आज स्मृति ने महज 50 रुपये से अपना स्टार्टअप शुरू किया आज वह लाखों का बिजनेस कर रही हैं।

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