संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता पाना कोई आसन काम नहीं है. प्रत्येक वर्ष लाखों की संख्या में विद्यार्थी इस UPSC परीक्षा को देते है और सिलेक्शन सिर्फ कुछ सौ का होता है. तो यहाँ कम्पटीशन काफी हाई होता है. जो कैंडिडेट धैर्य के साथ पढाई करते है उनका रिजल्ट जरुर होता है. यह कहानी एक ऐसे युवती की है जो लगातार 3 बार असफलता के बाद विजेता बी होसामानी चौथी बार में IAS बनी.
विजेता बी होसामानी ने चौथे प्रयास में 100वीं रैंक हासिल की है. इनका मानना है की जब आप किसी कार्य को करने के लिए आगे बढ़ते है तो शुरू में मुश्किलें आती है. लोग गिरते है . फिर उठते है , फिर चलते है , फिर गिरते है …फिर … ऐसे करते-करते एक दिन आता है जब सफलता आपके सामने खड़ी होती है. ये बात सुनने या पढने में जितना आसान लग रहा है दरअसल ये उतना आसान होता नहीं है. असफलता के बाद फिर से कोशिश करना ही सफलता की कुंजी कहलाती है.
विजेता बी होसामानी वर्ष 2023 में UPSC में 100 वां रैंक प्राप्त हुआ है. यह उनका चौथा प्रयास था. इससे पहले वो तीन बार फेल हो चुकी थी. उनकी उम्र 27 वर्ष है. उन्होंने अपना प्रयास जारी रखा. उन्होंने लॉ की पढाई की है. लॉ की पढाई के बाद वो प्रैक्टिस करने के बजाय वो सिविल सेवा के तरफ अपना रुख की. उनको बचपन से लोगो से मिलना जुलना और उनको सुनना में रूचि रही है.
विजेता बी होसामानी अपने सामाजिक कार्य करने के जुनून के साथ-साथ UPSC में सफलता प्राप्त की है. उन्होंने कहा की मुझे लोग की सेवा करनी है. उनके रैंक के आधार पर भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की जॉब मिलेगी. इस माध्यम से वो लोगो की ज्यादा मदद कर पायेगी.