Success story: लगातार 6 बार असफलता मिलने के बाद भी मेहनत करते रहना कोई आसान बात है. प्रतीक्षा नानासाहेब काले ने अपनी UPSC की जर्नी में कई बार फेलियर का मुह देखा लेकिन वो कभी हार नहीं मानी. उन्होंने बस ठान ही लिया था की UPSC करना है तो करना है. आख़िरकार उनको 7 वीं बार में सफलता मिली. वो UPSC IFS परीक्षा में पुरे देश में सेकंड टॉपर बनी. आइये जानते है इनकी सफलती की कहानी पूरी विस्तार से.

प्रतीक्षा नानासाहेब काले मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर की रहने वाली है. वो एक साधारण परिवार से आती है. वो 2023 UPSC परीक्षा में टॉप कर गई है. अब वो IFS अधिकारी बन गई है. लेकिन ये सफ़र इतना आसान नहीं था. उन्होंने इंजीनियरिंग कम्पलीट करने के तुरंत बाद ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी. प्रतीक्षा ने मैकेनिकल से बीटेक किया है. बीटेक के तुरंत बाद उनको प्राइवेट नौकरी मिल रही थी. लेकिन उन्होंने नहीं किया और तत्क्षण सिविल सेवा की परीक्षा में लग गई.

IFS अधिकारी बनने की प्रतीक्षा की जर्नी साल 2015 में ही शुरू हो गई है. जब वो पहली बार UPSC का एग्जाम दी थी तो वो प्रीलिम भी पास नहीं कर पाई थी. उसके बाद लगातार 2016 से 18 तक उनको असफलता का सामना करना पड़ा. उनका मन टूटने लगा था. लेकिन दुसरे तरफ यह भी बात मन में आती थी की एक बार और कोशिश करनी चाहिए. इसी सोच के साथ प्रतीक्षा नानासाहेब काले ने 2019 में भी UPSC की परीक्षा देने का मन बना लिया.

जब 2019 में प्रतीक्षा को  यूपीएससी की भारतीय वन सेवा की परीक्षा देनी थी उसी वक्त उनकी डेंगू का बुखार हो गया. लोगो के काफी माना करने के बावजूद भी वो उस परीक्षा में बैठ गई . उस परीक्षा में वो पास हो गई . उनको इंटरव्यू के लिए कॉल आया लेकिन दुर्भाग्य से उनका सिलेक्शन इंटरव्यू में नहीं हो गया. और वो फिर से असफल रही.

अंत में वो 2023 के UPSC IFS के परीक्षा को क्रैक कर लिया. अब प्रतीक्षा नानासाहेब काले एक फारेस्ट अधिकारी है. प्रतीक्षा नानासाहेब काले को अपने सपने को पूरा करने के लिए एक दो बार नहीं बल्कि 6 बार के असफलता के बाद 7 वीं बार में सफलता मिली.

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