Success Story of 10th Topper Ridhima Sharma : किसी को सफलता कोई आकस्मिक नहीं मिलती. सफलता के पीछे न जाने कितने दिन और रातों की मेहनत छुपी होती है. जो इस राज को समझ लेता है की सफलता पाने के लिए अपने आप को पूरा दिन और रात झोकना होगा उसी को सफलता मिलती है और यक़ीनन मिलती है. यही उदाहरण पेश कर रही है हिमाचल प्रदेश की रिद्धिमा जिन्होंने न जाने कितने कठिन परिश्रम से पढाई की और 10 बोर्ड परीक्षा में टॉप कर गई है.
रिद्धिमा को हिमाचल 10वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 700 में से 699 अंक प्राप्त हुए है. राद्धिमा कहती है की उनके अच्छे मार्क्स आयेंगे ये तो पता था लेकिन वो पुरे हिमाचल में टॉप कर जाएगी ये यकीन नहीं था. इस सफलता को पाने के लिए वो 7 से 8 घंटे की रोजाना पढाई करती थी. रात को 12 बजे तक उनका पढाई चलता रहता था. पढाई के साथ-साथ रिद्धिमा घर के काम में भी अपने माँ का हाथ बढाती थी.
रिद्धिमा के पिता एक ट्रेक्टर बनाने वाली कंपनी के काम करते है. उनकी कंपनी हिमाचल के होशियारपुर में स्थित है. उनका नाम अश्विनी है. उन्होंने कहा की मेरी बेटी टॉप कर गई है ये खबर मुझे एक जानने वाले ने फ़ोन पर दी थी. उन्होंने आगे कहा की दरअसल मै सुबह से ही रिजल्ट जानने की ट्राई कर रहा था. लेकिन सर्वर लोड के कारण रिजल्ट शो नहीं हो रहा था. इतने में एक रिस्तेदार का फ़ोन आया और उन्होंने ने कहा की रिद्धिमा पुरे हिमाचल में टॉप कर गई है.
रिद्धिमा 3 भाई-बहन है. जिसमे रिद्धिमा सबसे बड़ी है. उनका एक भाई और एक बहन दोनों अभी छोटे है. और पढाई कर रहे है. रिद्धिमा ने कहा की “मै आगे पढ़ कर डॉक्टर बनना चाहती हूँ” उन्होंने आगे कहा की वो नीट की प्रिपरेशन करेगी और फिर किसी अच्छे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेगी. रिद्धिमा ने पुरे हिमाचल प्रदेश में टॉप किया है ये खबर सुनते ही सभी सगे-सम्बन्धी और परिजन सुबह से ही बधाई देने आ रहे है. रिद्धिमा ने सभी को मिठाई खिलाकर आशीर्वाद लिया.