पटना-गया-डोभी 4 लेन पर एक नया अपडेट आ रहा है. जानकारी मिल रही है की इस हाईवे को निरिक्षण करने एक टीम गई है. और यह टीम यह पता लगाएगी की इस ग्रीन फील्ड हाईवे के निर्माण में कहा समस्या आ रही है. इस हाईवे के बन जाने के बाद पटना से गया का सफर अब केवल दो घंटे में पूरा होगा. यह संभव हो पाया है पटना-गया-डोभी फोरलेन के निर्माण के चलते. अब लगभग पूरा हो चुका है. यह सड़क बिहार की राजधानी पटना , गया , जहानाबाद तीनो जिलों को जोड़ेगा.
एनएच-83 ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क
पटना-गया-डोभी 4 लेन एनएच-83 ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क को चौडीकरण और विस्तार करके बनाया गया है. इसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुच गया है. यह सड़क एनएच-83 और एनएच-30 को जोड़ने का काम करेगी. एनएच-30 से जुड़ते ही पूरा बिहार उत्तराखंड , उत्तर प्रदेश , आंध्रप्रदेश और मध्य प्रदेश से सीधा कनेक्ट हो जायेगा. शनिवार को एक टीम ने पूरी सड़क का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया.
इस सड़क परियोजना के तहत जहानाबाद और गया के पास कष्ठा में दो रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाए जा रहे हैं. जहानाबाद में आरओबी निर्माण के लिए रेलवे से ब्लॉक मिल गया है. जल्दी ही यहाँ पर ROB का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जायेगा. कष्ठा में भी जल्द ही ब्लॉक मिलने की उम्मीद है. ब्लाक मिलते ही काष्ठा में भी ROB का निर्माण शुरू हो जेय्गा.
127 किलोमीटर पथ पर खर्च होंगे 1609 करोड़ रुपए
पटना-गया-डोभी फोरलेन के कैरेजवे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है. इस 127 किलोमीटर लंबे पथ के निर्माण पर कुल 1609 करोड़ रुपए की लागत आयगी.
| जिला | लंबाई (किमी) | लागत (करोड़ रुपये) |
|---|---|---|
| पटना | 39 | 649 |
| जहानाबाद | 44 | 496 |
| गया | 44.22 | 464 |