बढ़ती उम्र में नया व्यवसाय शुरू करना किसी भी व्यक्ति के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है. लेकिन सुबुही नाज (Subuhi Naaz) ने यह साबित किया कि कठिनाइयों के बावजूद सफलता पाई जा सकती है. आइये जानते है सुबुही की कहानी के बारे में….

जानकारी के अनुसार सुबुही की शादी के तीन साल बाद 1997 में उनके पति का निधन हो गया. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 27 साल थी. और उनके पास एक छोटा बेटा अब्दुल रहमान था. पति के निधन ने उनके सामने आर्थिक संकट पैदा कर दिया.

बता दे कि उन्होंने अपने परिवार को संभालने के लिए 1998 में वाराणसी में एक रेडिमेड कपड़ों की छोटी दुकान खोली. यह दुकान उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई. जिससे उन्हें अपने परिवार की देखभाल और बेटे की पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद मिली.

आपको बता दे कि सुबुही के बेटे ने पढ़ाई के दौरान ही उन्हें एक सुझाव दिया. यह सलाह काफी काम आई और उन्होंने फिश फार्मिंग का काम शुरू की. और आज इनके बिजनेस का सालाना टर्नओवर 45 लाख रुपये है. और बता दे कि सुबुही को नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है.