पत्रकारिता का नौकरी करते वक्त उन्हें सिविल सर्विस में जाने का ख्याल आया था. शहंशाह सिद्दीकी इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होने के बाद एक टीवी चैनल के लिए काम करना शुरू कर दिया था. लेकिन बाद में जब UPSC की तैयारी में उनकी जॉब बाधा बन रही थी तो उन्होंने पत्रकारिता की नौकरी को अलविदा कह दिया था.

जी हाँ दोस्तों, बिहार राज्य के पश्चिम चम्पारण जिले के नरकटियागंज प्रखंड निवासी शहंशाह सिद्दीकी ने पुरे भारत में बिहार का नाम रौशन कर दिया है. इस वर्ष UPSC में कुल 1016 अभ्यार्थी उत्तीर्ण हुए है. जिसमे से शहंशाह सिद्धिकी ने भी अपना स्थान बना लिया है. शहंशाह को UPSC में AIR 762वां रैंक प्राप्त हुआ है.

शहंशाह सिद्धिकी के पिता एक सेवानिवृत्त शिक्षक है. पिता का नाम मोहम्मद रिजवनुल्लाह है. माँ एक गृहणी है. शहंशाह सिद्धिकी 5 भाई – बहन है. जिसमे से शहंशाह को तीन भाई और है और एक बहन भी है. जब घर में सबको पता चला की शहंशाह ने UPSC परीक्षा पास कर लिया है और अब IAS बनेगा, तब उनके घर म ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा. सुबह से ही आसपास के लोग बधाई देने आ रहे है. सभी सगे-सम्बन्धी और रिश्तेदार ने फ़ोन करके बधाई दिया है.

आपको बता दें की शहंशाह सिद्धिकी ने अपना 12th नरकटिया गंज से ही किया था. फिर वो इंजीनियरिंग करने के लिए चेन्नई चले गए. वहां उन्होंने विनायक मिशन यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की. फिर उन्होंने एक टीवी चैनल में एंकर का काम करने लगे. शहंशाह सिद्दीकी की कहानी हमें यह सिखाती है कि संघर्ष और प्रयास कभी भी निराशा नहीं लती है. अगर हम निरंतर करते रहे तो यही कामयाबी एक प्रेरणास्त्रोत बनती है.

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