बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के तरफ से सभी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सर्विसेज की शुरुआत की गई है. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी में अब सभी छात्रों के लिए डिजीलॉकर का शुभारंभ हो चुका है. बीते दिन कुलपति ने उद्घाटन करके इस नई और आधुनिक सुविधा की शुरुआत की है. यह डिजीलॉकर की सुविधा कई तरह से छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगा.
बिहार विश्वविद्यालय में शुरू की गई डिजीलॉकर के माध्यम से सभी छात्रों और छात्राओं को अपने विश्वविद्यालय सम्बन्धी जरुरी दस्तावेज को अब लेकर ढोना नहीं पड़ेगा. वे अब डिजीलॉकर के माध्यम से अपना सभी दस्तावेज़ जैसे एडमिट कार्ड, रिजल्ट , पासिंग सर्टिफिकेट, डिग्री सर्टिफिकेट, पहचान कार्ड सभी तरह के डॉक्यूमेंट ऑनलाइन स्टोर करके रख सकते है.
ये सभी दस्तावेज़ को डिजीलॉकर में रखने के कई सारे फायदे होते है. सबसे पहला तो यह की जो दस्तावेज़ यहाँ डिजीलॉकर पर एक बार चला गया वो कभी खोएगा नहीं. दूसरा फयेगा यह होगा की इस दस्तावेज़ को आप कही भी और कभी भी इस्तेमाल में ला सकते है. तीसरा फयेगा यह होगा की जहाँ जरुरी होगा वहां हार्ड कॉपी में लेकर जाने की जरुरत नहीं होगी. जेरोक्स या फोटो कॉपी करवाने की भी जरुरत नहीं होगी.
बिहार विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किये गए इस डिजीलॉकर के लिए सभी छात्रों को अपना मोबाइल नंबर को वेरीफाई करवाना होगा. उसके बाद आधार नंबर और जन्म तिथि से डिजीलॉकर को इस्तेमाल में लिया जा सकता है. इस पहल के माध्यम से बिहार विश्वविद्यालय ने छात्रों को नए और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लाभान्वित कराने का प्रयास किया है.
डिजीलॉकर का शुभारंभ बिहार विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और यह उन्हें उनकी शैक्षिक यात्रा को और भी सरल और सुविधाजनक बनाए रखने में मदद करेगा.