बिहार को विकास की नई दिशा में और आगे बढ़ाने के लिए एक बड़ा तौहफा दिया गया है. बता दें की बिहार को दो हाईस्पीड कॉरिडोर की सौगात दे दी गई है. यह हाईस्पीड कॉरिडोर बिहार राज्य के 14 जिलों से होकर गुजरेंगे. लगभग 5 राज्य आपके में पूरी तरह से कनेक्ट हो जायेंगे.
इस दो कॉरिडोर में सबसे पहला नाम है रक्सौल-हल्दिया पोर्ट एक्सप्रेस-वे और दूसरा है गोरखपुर-किशनगंज-सिलिगुड़ी एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर का. ये दोनों शानदार कॉरिडोर भारतमाला 2 ए योजना के तहत विकसित किए जाएंगे. ये दोनों ही हाईवे बिहार , उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगा. इन परियोजनाओं के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं.
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे
यह एक्सप्रेस-वे बिहार के कई जिलों से होकर गुजरेगा जिसमे पश्चिमी चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया एवं किशनगंज जिला शामिल है. बिहार में इस एक्सप्रेस-वे का 416 किलोमीटर का हिस्सा बनेगा.
यहाँ गाड़ियों की स्पीड 100-120 किमी प्रति घंटा होगी.
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 521 किलोमीटर.
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में 23,000 करोड़ रूपये के लगत आएगी.
रक्सौल-हल्दिया पोर्ट एक्सप्रेस-वे
रक्सौल-हल्दिया पोर्ट एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 719 किलोमीटर.
बिहार में 367 किलोमीटर है.
बिहार के पूर्वी चम्पारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, लखीसराय, जमुई एवं बांका जिलों से होकर गुजरेगा
इस एक्सप्रेसवे को बनाने में कुल खर्च 20,000 करोड़ रुपये आएगी.