बजट 2024 में बिहार को मिली बड़ी सौगात ने राज्य के विकास को नई दिशा दे दिया है. कुल 4 बड़े एक्सप्रेसवे की सौगात के बाद अब पटना मेट्रो से बड़ी खबर आ रही है. निर्मला सीतारमण के बजट से पटना मेट्रो परियोजना को भी एक बड़ा प्रोत्साहन मिला है. अब पटना मेट्रो से एक नई खबर आ रही है. पटना मेट्रो के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार अगस्त अंत से पटरी बिछाने का कार्य शुरू कर दिया जायेगा. यह सभी पटरी ‘मेड इन इंडिया’ होंगी यानी स्वदेशी निर्मित होंगी. पटना मेट्रो में सबसे पहले दोनों कॉरिडोर को मिलाकर कुल 30 ट्रेनें चलाई जाएंगी.
पटना मेट्रो के लिए आगामी अगस्त के अंत से पटना मेट्रो के लिए पटरी बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा. खबर के अनुसार सभी लोहे की पटरी भारत में ही बनी है. हाल ही में खबर आई थी कि पटना मेट्रो के पहले फेज का परिचालन पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकड़ी के बीच किया जाना है. यह रूट पटना के महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे पटना बस अड्डा और शहर को जोड़ेगा.
पटना मेट्रो ट्रेन के रख रखाव और मेंटेनेंस के लिए डिपो तैयार किया जा रहा है. यह डिपो ISBT के पास बनाया जा रहा है. पटना मेट्रो के लिए 2025 तक एक मेट्रो डिपो भी बनाया जाएगा. यह डिपो न्यू ISBT में स्थापित होगा और इसमें 66 ट्रेनों के रखरखाव की क्षमता होगी.
पटना मेट्रो परियोजना के तहत दो प्रमुख कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं:
- पहला कॉरिडोर: न्यू ISBT से पटना जंक्शन तक.
- दूसरा कॉरिडोर: दाना कैंटोनमेंट से खेमनिचक तक. खेमनीचक स्टेशन पर ब्लू लाइन और रेड लाइन का इंटरचेंज होगा.