पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारतीय निवेशकों के बीच एक लोकप्रिय निवेश स्कीम है. इस स्कीम में सरकार द्वारा सभी निवेशकों को कोम्पौन्डिंग इंटरेस्ट के आधार पर रिटर्न मिलता है. यह एक टैक्स सेविंग स्कीम भी है. इसमें निवेश करने से टैक्स पेयर को टैक्स में छुट मिलती है. लेकिन यह प्रक्रिया इतना आसान भी नहीं है. आपको इसमें सभी टर्म और कंडीशन को जानने की जरुरत होती है. आइये जानते है कुछ रूल और रेगुलेशन के बारे में जिसको जान कर आप ज्यादा से ज्यादा लभग उठा सकते है.
नियम 1: फॉर्म 1 और फॉर्म 4 का उपयोग
PPF अकाउंट खोलने के लिए अब फॉर्म A की जगह फॉर्म 1 का उपयोग करना होगा. इसी प्रकार 15 साल की अवधि समाप्त होने के बाद अगर आप PPF अकाउंट को और आगे की ओर विस्तारित करना चाहते हैं तो मैच्योरिटी से एक साल पहले फॉर्म H की बजाय फॉर्म 4 में आवेदन करना होगा.
नियम 2: PPF अकाउंट में जमा किया गया राशी 50 रुपए के गुणक में होना चाहिए. इसके अलावा एक में कम से कम 500 रुपया का डिपाजिट भी अनिवार्य है.
नियम ३: अगर आप अपने PPF अकाउंट में लोन लेना चाहते है तो उसके लिए कुछ नियम बनाये गए है जिसे आपको समझना होगा. लोन के लिए अप्लाई तारीख से दो साल पहले वाले अमाउंट पर 25% का लोन मिल सकता है.
नियम 4: अगर आप लोन ले लेते है तो आपका व्याज दर कम कर दिया जायेगा. यदि आप PPF अकाउंट को 15 साल के बाद भी जारी रखना चाहते हैं और इसमें नए निवेश करना चाहते हैं. तो आप इसे 5-5 साल के ब्लॉक्स में बढ़ा सकते हैं.
15 साल की अवधि के बाद आपके ऊपर PPF अकाउंट में पैसे जमा करने की कोई बाध्यता नहीं होती. इसका मतलब है कि आप नए निवेश के बिना भी अकाउंट को सक्रिय रख सकते हैं और उस पर ब्याज प्राप्त कर सकते हैं.