बिहार समेत पुरे देश में रेल यातायात को और अधिक तेज़ और सुगम बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब बिहार में ट्रेनें 130 किलोमीटर प्रति घंटे की बजाय 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी. जानकारी मिल रही है की बिहार के कई रेल रूट पर ट्रैक के बगल में फेंसिंग का काम चल रहा है. कुछ रूट पर फेंसिंग का काम पूरा भी कर लिया गया है.

रेल ट्रैक पर फैंसिंग का काम पूरा

160 किमी/घंटे के रफ़्तार को हासिल करने के लिए रेलवे को कई तरह के ट्रैक रेनोवेशन से गुजरना होगा. जिसमे सबसे प्रमुख है ट्रैक के बगल में फेंसिंग का काम. इसके लिए रेल पटरियों के किनारे फैंसिंग का काम पूरा कर लिया गया है. यह फैंसिंग जानवरों और अनाधिकृत व्यक्तियों को ट्रैक पर आने से रोकने के लिए की गई है. ट्रैक के बदल में फेंसिंग कर देने से ट्रेनों की गति को बिना किसी रुकावट के आगे बढाया जा सकता है.

यह ट्रैक के फेंसिंग पटरी के थोड़ी दूर पर ट्रैक के समान्तर होती है. इसके लिए लगभग 6 से 10 फूट की दुरी पर एक पिलर होता है फिर दो पिलर के बिच में प्री-फैब्रिकेटेड सीमेंट का स्लैब को डाला जाता है. यह स्लैब पहले से ढलाई किया हुआ है. फिर बाद में बीच में अगर जगह बच जाती है तो उसे स्टील के स्लैब से कवर कर दिया जाता है.

वर्तमान में यह फेंसिंग लगभग पुरे देश के कई रूट पर चल रही है. बिहार झारखण्ड और उत्तर प्रदेश के धनबाद, नेसुबो गोमो, कोडरमा, गया, सोननगर होते हुए पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन के 412 किलोमीटर के विस्तार में फेंसिंग का काम चल रहा है. लगभग आधा से ज्यादा तो पूरा कर लिया गया है. फेंसिंग का काम ख़त्म होते ही बिहार से दिल्ली , पंजाब , गुजरात जाने वाली कई ट्रेन की रफ़्तार को बढाकर 160 किमी/घंटा कर लिया जायेगा.

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