पुरे बिहारवासियों को बड़ी बेसब्री से मानसून का इंतजार रहा है. लेकिन मानसून है की बिहार के बॉर्डर पर आकर रुक गया है. दक्षिण पश्चिम गुजरात में तो मानसून एक ही इलाकें में पिछले 4 दिन से रुका हुआ है. इधर बिहार , उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और झारखण्ड में गर्मी से लोगो का जीना मुहाल हो चूका है. जब तक मानसून आगे नहीं बढेगा तब तक बारिश की कोई सम्भावना नहीं है.
मालूम हो की केरल में मानसून 1 जून के आसपास आ गई थी. उसके बाद IMD के रिपोर्ट के अनुसार बिहार में मानसून की तारीख 15 जून से 20 जून तक फिक्स की गई थी. लेकिन अब लगता है IMD को अपनी रिपोर्ट बदलनी होगी. अभी मानसून फेल नहीं हुआ है. लेकिन अब बिहार समेत पुरे उत्तर भारत में मानसून देर से ही पहुचेगी.
बिहार समेत पुरे उत्तर भारत में मानसून के देर से पहुचने का सिर्फ एक ही कारण अभी तक पता चल पाया है वो यह है की मानसून केरल से निकलने के बाद कर्नाटक में अगले 5 दिनों के अन्दर पहुच गई. उसके बाद मुंबई में मानसून समयसे 2 दिन पहले ही एंट्री ले ली. लेकिन मुंबई से निकलने के बाद गुजरात में भी मानसून समय से पहले 11 जून को मानसून का आगमन हो गया था. समस्या गुजरात के नवसारी इलाकें में आ रही है जहाँ पर आ कर मानसून पिछले 4 दिनों से रुका हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार जून महीने के 20 तारीख के बाद ही बिहार में मानसून के एंट्री की तिथि तय की गई है.
ऐसा माना जा रहा है की उत्तर से चल रही गर्म हवा मानसून को आगे नहीं बढ़ने दे रही है. उम्मीद ये की जा रही है गुजरात के नवसारी से आज मानसून देश में आगे की बढेगा. फिर वहां से मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखण्ड , उत्तर प्रदेश , बिहार जैसे राज्यों में बारिश होगी.
दूसरी तरफ उत्तरी पूर्वी भारत के मिजोरम, सिक्किम, मेघालय, असम में मानसून का आगमन हो चूका है. लेकिन यहाँ बिहार के बॉर्डर पर आकर मानसून आराम फरमा रहा है. हालाँकि की किशनगंज और पूर्णिया में पिछले 10 दिनों में कई बार बारिश हुई है लेकिन यहाँ से मानसून को आगे बढ़ना होगा और फिर पुरे बिहार में मानसून की बारिश होगी.