टोल सड़कों से एकत्रित शुल्क का मुख्य उपयोग सड़क निर्माण और उनके रखरखाव के रूप में किया जाता है. सभी सड़कें, एक्सप्रेसवे, और हाईवे एक अच्छी स्थिति में बनी रहे इसके लिए टोल की व्यवस्था की गई है. मेन्टेनेन्स के माध्यम से उनमें कोई खामी या टूट-फूट न हो इसके लिए राशी एकत्रित की जाती है. अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के तरफ से टोल टैक्स को लेकर एक अहम् खबर सामने आ रही है.
मालूम हो की 3 जून से टोल शुल्क में 5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. यह वृद्धि कुल 855 उपयोगकर्ता शुल्क प्लाजा पर लागू होगी. यह सभी 855 टोल प्लाजा देशभर के विभिन्न हाईवे पर स्थित हैं. अब इन सभी प्लाजा पर 5% अलग टोल लिया जायेगा. अगर आपको नहीं पता की किस टोल नाके पर कितना टोल लगना है तो आप एनएचएआई के द्वारा लांच की गई मोबाइल एप पर जा कर यह पता कर सकते है.
देश में टोल के राशी में यह वार्षिक संशोधन 1 अप्रैल से लागू होना था. लेकिन किसी कारणवश इसमें देरी हो गई थी. अब इसे 3 जून से प्रभावी कर दिया गया है. टोल शुल्क में इस बढ़ोतरी का उद्देश्य मुख्य रूप से सड़क और हाईवे के रखरखाव और विकास के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों को जुटाना है.
देश के कुल कुल 855 टोल नाका पर टोल शुल्क में बढ़ोतरी के इस निर्णय को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कुछ लोग इसे आवश्यक मान रहे हैं ताकि सड़कों की गुणवत्ता बनी रहे और यातायात की सुविधाएं बेहतर हों. दूसरी ओर कुछ उपयोगकर्ताओं का मानना है कि यह बढ़ोतरी उनके यात्रा खर्चों में वृद्धि करेगी और उन्हें अतिरिक्त वित्तीय भार सहना पड़ेगा.